Edited By Gourav Chouhan, Updated: 07 Feb, 2023 10:08 AM

पुलिसकर्मी, मीडिया गैलरी में बेकाबू भीड़ को हटाने में असफल रहे। यही नहीं अपनी ड्यूटी करने की बजाए पुलिसकर्मी हरियाणवी कलाकार प्रांजल दहिया की परफॉर्मेंस को अपने मोबाइल में कैमरे में कैद करते हुए नजर आए।
फरीदाबाद(अनिल) : सूरजकुंड में चल रहे 36वें अंतरराष्ट्रीय सूरजकुंड मेले में हरियाणवी नाइट के दौरान हरियाणा टूरिज्म विभाग और पुलिस की लापरवाही सामने आई। इसके चलते मीडियाकर्मियों को कवरेज के दौरान न केवल भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा, बल्कि पुलिस ने उनके साथ धक्का-मुक्की की। मीडिया के साथ हो रही बदसलूकी को लेकर मेले की चौपाल पर बैठे जिला उपायुक्त से लेकर पुलिस के आला अधिकारियों से बार-बार शिकायत की गई। इसके बावजूद पुलिसकर्मी, मीडिया गैलरी में बेकाबू भीड़ को हटाने में असफल रहे। यही नहीं अपनी ड्यूटी करने की बजाए पुलिसकर्मी हरियाणवी कलाकार प्रांजल दहिया की परफॉर्मेंस को अपने मोबाइल में कैमरे में कैद करते हुए नजर आए। इतना कुछ होने के बावजूद न केवल जिला प्रशासन के आला अधिकारी बल्कि पुलिस के आला अधिकारियों सहित टूरिज्म विभाग के अधिकारी भी मूकदर्शक बनकर सब कुछ देखते रहे।
ड्यूटी भूलकर फोन में वीडियो बनाने में व्यस्त दिखे पुलिसकर्मी
दरअसल 19 फरवरी तक चलने वाले अंतरराष्ट्रीय सूरजकुंड मेले की कवरेज के लिए मीडिया कर्मियों के लिए अलग से मीडिया गैलरी बनाई गई है। यही नहीं प्रशासन द्वारा जिले और बाहर से आने वाले मीडिया कर्मियों के लिए तमाम सुविधाएं करने का दावा किया गया था, लेकिन 6 फरवरी को मेले के चौथे दिन ही प्रशासन के इन दावों की हवा निकल गई। दरअसल सोमवार को मेले में हरियाणवी नाइट का आयोजन किया गया था, जिसमें कई हरियाणवी कलाकारों ने प्रस्तुति दी। इस दौरान पुलिस की भारी लापरवाही देखने को मिली। मेले की कवरेज के लिए बनाई गई जिस मीडिया गैलरी में केवल मीडिया से जुड़े लोगों की एंट्री अलाउड थी, वहां न सिर्फ पुलिसकर्मी बल्कि आम जनता को भी घुसा दिया गया। आम जनता न केवल मीडिया गैलरी में डांस करती रही, बल्कि इस दौरान जमकर हूटिंग भी की गई। हैरानी की बात यह है कि महिला कलाकार को देखकर हरियाणा पुलिस के जवान भी अपनी ड्यूटी भूलकर झूमते नजर आए। मीडिया गैलरी में घुसे लोगों को बाहर निकालने की बजाए पुलिसकर्मी अपने फोन में कलाकार को कैद करने में ज्यादा दिलचस्पी ले रहे थे। इसके चलते मीडिया कर्मियों को कवरेज करने में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा।

प्रशासन के तमाम दावे हुए फेल, शिकायत करने के बाद भी भीड़ को नहीं कर पाए काबू
मेले में हो रही इस अव्यवस्था को लेकर मीडिया कर्मियों ने इसकी शिकायत वहां बैठे जिला उपायुक्त और पुलिस के आला अधिकारियों की दी, लेकिन न तो जिला उपायुक्त और न ही पुलिस के आला अधिकारियों ने मीडिया गैलरी में घुसे आम लोगों को बाहर निकालने के लिए कोई कदम उठाया। अव्यवस्था का आलम ऐसा था कि मीडिया के ज्यादातर लोगों को बिना कवरेज किए ही वापस लौटना पड़ा। 36वें अंतरराष्ट्रीय सूरजकुंड मेले की कवरेज के दौरान मीडिया कर्मियों को धक्का-मुक्की का भी सामना करना पड़ा। सबसे बड़ा सवाल यह है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आयोजित किए जा रहे सूरजकुंड मेले को लेकर इस तरह की लापरवाही को आखिर कैसे बर्दाश्त किया जा सकता है। बड़ा सवाल यह है कि जिस मेले में शामिल होने के लिए देश-विदेश से भारी संख्या में पर्यटक पर्यटक पहुंचते हैं, वहां इस तरह की अव्यवस्था को लेकर हरियाणा के पर्यटन मंत्री और केंद्रीय पर्यटन मंत्री की ओर से क्या कार्रवाई की जाती है।
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